मैं अपनी व्यथा सुनाता हूँ

             मैं अपनी व्यथा सुनता हूँ
मैं सरकारी स्कूल का विद्यार्थी हूँ
मैं अपनी व्यथा सुनता हूँ।
वर्ष में होते तीन सौ पैंसठ दिन
क्लास किये सिर्फ पैंसठ दिन
बाकी दिन दुकान में बैठकर
पिताजी का हाथ बंटाता हूँ
मैं सरकारी स्कूल का विद्यार्थी हूँ
मैं अपनी व्यथा सुनाता हूँ।

कई महीने बीत गये
किताबें नहीं बटीं विद्यालय में
बस कुछ महीने बाकी हैं
फाइनल एग्जाम आने में
किताबें मिली तो सोचा कि
पढ़ लूंगा तो कुछ मिलेगा ज्ञान
डॉक्टर इंजीनियर भले न बनूं
पर बन तो सकूँगा अच्छा इंसान
भोजन मिलता है विद्यालय में
ये सोचकर विद्यालय जाता हूँ
मैं सरकारी स्कूल का विद्यार्थी हूँ
मैं अपनी व्यथा सुनाता हूँ।

गया विद्यालय तो सिर्फ दो शिक्षक थे
बाकी सारे नदारद थे
पता चला की कुछ वीक्षक  कुछ इलेक्शन
तो कुछ बी एल ओ ड्यूटी में कार्यरत थे
छात्रवृत्ति पोशाक के लालच में
रोज विद्यालय जाता हूँ
मैं सरकारी स्कूल का विद्यार्थी हूँ
मैं अपनी व्यथा सुनाता हूँ।


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