हर इंसान है खास
सभी बोर्ड के एग्जाम लगभग समाप्त हो चुके हैं और अब रिजल्ट आने शुरू हो गए हैं। जो विद्यार्थी सफल होते हैं वो तो बधाई के पात्र हैं ही लेकिन जो विद्यार्थी असफल होते हैं,या अपने अपेक्षा के अनुरूप मार्क्स नहीं आने पर दुःखी हो जाते हैं। प्राय: यह भी देखा जाता है कि कुछ बच्चे इतने निराश हो जाते हैं कि खुदकुशी की कोशिश भी करते हैं। सफलता ,असफलता तो जीवन का एक हिस्सा है।जैसे आशा है तो निराशा भी होगी,सुख है तो दुःख को भी आना ही है ।ये सब तो जीवन के पहलू हैं जो आते जाते ही रहेंगे,लेकिन एक असफलता को ही अपने जीवन में सब कुछ मान लेना ,उसके लिए निराश होना गलत है। आप ने जब चलना सीखा तो क्या सीधे आप चलने लगे नहीं न।आप कितनी बार गिरे होगे फिर उठे फिर चलना शुरू किया।वैसे ही जब आपने बोलना और पढ़ना भी शुरू किया था तो क्या एक ही बार में आपने बोलना और पढ़ना,लिखना शुरू कर दिया था।नहीं
सोचो कि अगर आप उस समय हार मान लेते तो क्या आज आप ऐसे होते। बच्चों हर सफलता के लिए कई बार असफल होना पड़ता है। हर सफलता या असफलता आपको कुछ ना कुछ सिखाती ही है।आप कभी नहीं कुछ खोते चाहे आप कितनी बार भी असफल हो।हम हर दिन एक लक्ष्य निर्धरित करते हैं।ऐसा नहीं है कि आपने मैट्रिक के एग्जाम में बहुत ही बढ़िया मार्क्स लाया तो अब आपको इंटर के एग्जाम में ऐसे ही पास कर दिया जाएगा।आपको फिर से मेहनत करनी पड़ती है।आपका एकेडमिक कैरियर कितना भी अच्छा हो लेकिन जॉब के लिए एग्जाम तो देना ही पड़ेगा न? तो किसी एक एग्जाम में असफल हो जाने से जिंदगी रुक नहीं जाती या केवल एक सफलता ही आपने पूरे जीवन को आसान नहीं बना देती।आपको हर दिन आगे बढ़ना है एक लक्ष्य के साथ।छोटे छोटे लक्ष्य तय करो।असफल होते हो तो उससे निराश ना हो बल्कि ये सोचो की आप में कहां कमी रही।आप उससे सीख लो और उसमें सुधार करो।हर एक इंसान खुद को बेहतर तरीके से समझता है।आपको कोई और उतने अच्छे से नहीं समझ सकता जितना कि आप खुद ही खुद को।खुद को समय दो,खुद की पहचान करो। दुनिया का हर इंसान खास है बस जरूरत है तो खुद को पहचानने की। हम सब को अगर भगवान ने बनाया है जरूर किसी ना किसी उद्देश्य से ही।तभी तो हम सब एक दूसरे से अलग है,चाहे वो रंग रूप,वेश भूषा ,विचार से ही।आप जीवन में तभी सफल होगे जब आप अपनी सफलता की भी कद्र करोगे,और असफल होने पर भी हार नहीं मान लोगे।आप प्रकृति से ही शिक्षा लो।नदी को देखो जो निरंतर बहती रहती है,चाहे रास्ते में कितने भी बाधाएं क्यूं न हो,पर्वत हमेशा अटल खड़ा रहता है चाहे आंधी आए या तूफान।वैसे ही आप किसी भी महान व्यक्ति की जीवनी पढ़ो,ऐसा कोई भी नहीं होगा जो अपने जीवन में कभी असफल नहीं हुआ हो।तो आपको भी डरना नहीं खुद को समझना है और फिर से शुरुआत करनी है एक नई उम्मीद और नए जोश के साथ।ये जिंदगी चलती रहती है ना किसी के लिए रुकती है ना ही इंतजार करती है।तो अपने इस बेशकीमती जीवन को एंज्वॉय करो।अपनी हार - जीत, सुख- दुःख, उतार - चढ़ाव के साथ ,रुको नहीं ,थको नहीं और ना मानो कभी हार। कोशिश करते रहो लगातार ,क्योंकि आप हो बहुत ही खास।आप निरंतर अपने लक्ष्य के लिए करते रहो प्रयास ,और दुनिया को दिखा दो की आप सच में खास हो,आपकी एक अलग पहचान हो ।
धन्यवाद्
। । स्वाति सौरभ। ।
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